उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक कपल की अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है. दोनों बेहद गरीब परिवार से आते हैं. ये कपल ईंट-भट्ठे में काम करता है और काफी समय से लिव इन रिलेशनशिप में रह रहा था. इनके दो बच्चे भी हैं. अब इन्होंने शादी रचाई है. शादी में इलाके के लोगों को आमंत्रित किया गया था. भोज का भी आयोजन था. इस दौरान श्रमिक जोड़ा बहुत खुश नजर आया.
दरअसल, कपल मूल रूप से झारखंड का रहने वाला है. देवरिया में रहकर दोनों मेहनत मजदूरी करते हैं. चूंकि, शादी के लिए उनके पास पैसे नहीं थे इसलिए इन्होंने लिव इन में रहने का फैसला किया. अब जब दोनों ने कुछ पैसे कमा लिए तो अपनी शादी का इंतजाम किया.

ईंट-भट्ठा मालिक ने भी मजदूर कपल की शादी में सहयोग किया. उन्होंने अपने पैसे खर्च कर दोनों की शादी बड़े ही धूमधाम से करवाई. डीजे की धुन पर कपल अपना पारंपरिक नृत्य करते हुए निकला और बगल के गांव बरपार स्थित देवकली नाथ शिव मंदिर में बारात पहुंची, जहां हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ. मंत्रोच्चारण, सिंदूरदान, वरमाला आदि रस्म निभाई गई.
जानिए पूरी कहानी
आपको बता दें कि बैतालपुर ब्लॉक अंतर्गत बरारी द्वितीय गांव में नंदलाल यादव का ईंट-भट्ठा है, जहां दर्जनों मजदूर रहकर काम करते हैं. यह सभी झारखंड के रांची व अन्य जिलों के रहने वाले हैं. इसमें दो जोड़े हैं- कर्मा व सीमा और प्रदीप व रूपा, जो सालों से लिव इन रिलेशन में रह रहे थे. इन दोनों ने शादी की इच्छा जताई थी, जिसके बाद भट्ठा मालिक ने उनका भरपूर सहयोग किया.

कर्मा और सीमा झारखंड के गुमला जिले के निवासी हैं. दोनों पिछले चार वर्षों से एक साथ रह रहे थे. उनके दो बच्चे भी ही चुके हैं. इसकी जानकारी माता-पिता को है. कपल का कहना है कि गरीबी के चलते उनकी शादी नहीं हो पा रही थी ऐसे में साथी मजदूरों और भट्ठा मालिक ने अपने पैसे खर्च कर उनकी शादी करवाई है.
इसी तरह प्रदीप व रूपा का विवाह करवाया गया. दोनों साथ रह रहे थे. ये जोड़ा भी झारखंड का है, जो पिछले 10 साल से लिव इन रिलेशन में रहते हुए देवरिया में काम कर रहा था. इनके भी दो बच्चे हैं. प्रदीप का कहना है कि उसके पिता बहुत पहले ही स्वर्गवासी हो चुके हैं. परिवार बहुत गरीब है. अब भट्ठा मालिक की वजह से दूल्हा बनने का अरमान पूरा हुआ है.

